एक टुकड़ा धूप - Ek Tukda Dhoop – Thappad - 2020
Ek Tukda Dhoop Song Lyrics in Hindi – फिल्म "थप्पड़" का गाना "एक टुकड़ा", राघव चैतन्य द्वारा गाया गया। गाने के बोल हैं शकील आज़मी। संगीत अनुराग सैकिया ने दिया। मुख्य कलाकार हैं तासपे पन्नू और पावेल गुलाटी।
Ek Tukda Dhoop Song Lyrics in Hindi
| गाना | एक टुकड़ा धूप |
|---|---|
| फ़िल्म | थप्पड़ |
| गायक | राघव चैतन्य |
| गीतकार | शकील आज़मी |
| संगीतकार | अनुराग सैकिया |
| कलाकार | तापसी पन्नू और पावेल गुलाटी |
| लेबल | टी-सीरीज़ |
टूट के हम दोनो में
जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का
अंदर अंदर नम सा है
एक धागे में है उलझे यूँ
के बुनते बुनते खुल गए
हम थे लिखे दीवार पे
बारिश हुई और धूल गए
टूट के हम दोनो में
जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का
अंदर अंदर नम सा है
सोचों ज़रा क्या थे हम हाय
क्या से क्या हो गए
हिजर वाली रातों की हाय
कब्रो में सो गए
हो तुम हमारे जितने थे
सच कहो क्या उतने थे
जाने दो मत कहो कितने थे
टूट के हम दोनो में
जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का
अंदर अंदर नम सा है
