भोल जब फिर रात (Bhol Jab Phir Raat) by Narinder Singh Negi
Bhol Jab Phir Raat khulali Song Lyrics - The Garhwali song "भोल जब फिर रात खुलली" by "नरेंद्र सिंह नेगी". The song is sung, lyrics and music by Narendra Singh Negi. Music Label by Rama Cassettes.
{नरेंद्र सिंह नेगी}
भोल जब फिर रात खुलली
धरती मा नई पौद जमली
पुरणा डाला ठंगरा ह्वेकि
नयी लगुल्योन सारु दयाला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
इखी ये माटम जन्म्यु मी भी
मेरी भी रै ब्वटी अंग्वाल
मेरी भी रै ब्वटी अंग्वाल
भारा खैरी का सरिनी मील भी
मी भी हिटु उन्दरी उकाल
मी भी हिटु उन्दरी उकाल
डालियुं कु छैल अर बाटों का गारा
डालियुं कु छैल अर बाटों का गारा
मेरा हिटयां की गवै दयाला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
बरखा बर्खाली घाम चमकल
सुख दुःख आणा जाणा राला
सुख दुःख आणा जाणा राला
खुच्ल्यो मा हंसदा खेल्दा बेटुला
देखदै देखदा ब्वारी हवे जाला
देखदै देखदा ब्वारी हवे जाला
भोल ये फुलमुंडया सासू बणीकी
भोल ये फुलमुंडया सासू बणीकी
नयी-नयी ब्वार्युं रुवाला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
बस्ग्याल रुझू ह्युन्द कौन्पू
मिल भी सै रुड्युं की मार
मिल भी सै रुड्युं की मार
मिल भी बरती ऋतू बसंत
में फरै भी ऐ मौल्यार
में फरै भी ऐ मौल्यार
मिल भी कैछै आस कैकी
मिल भी कैछै आस कैकी
ये डांडा काँठा छविं लगाला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
मेरा भी अपडा पर्याँ हर्चिनी
मेला खौलों मा अचणचक
मेला खौलों मा अचणचक
मी भी रोऊँ भकोरा-भकोरी
आंसू आंख्युं मा रैनी जब तक
आंसू आंख्युं मा रैनी जब तक
कौथिग यनि विरेण राला
कौथिग यनि विरेण राला
नया-नया कौथिगेर आला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
मिल भी सैनी फुल्ल्वा कांडा
गित्वी माला गछ्याणु कु
गित्वी माला गछ्याणु कु
जण द्वि ऐक गीत मिल भी
गैनी रुन्दौ हैसाणु कु
गैनी रुन्दौ हैसाणु कु
हैसदरा जब बिसरी जाला
हैसदरा जब बिसरी जाला
रुंदरा रवे-रवे की सम्लणा राला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
भोल जब फिर रात खुलली - गाने के बोल हिंदी में
| गाना: भोल जब फिर रात खुलली |
| एल्बम: छुयाल |
| गायक: नरेंद्र सिंह नेगी |
| गीत: नरेंद्र सिंह नेगी |
| संगीतकार: नरेंद्र सिंह नेगी |
| लेबल: रामा कैसेट्स |
{नरेंद्र सिंह नेगी}
भोल जब फिर रात खुलली
धरती मा नई पौद जमली
पुरणा डाला ठंगरा ह्वेकि
नयी लगुल्योन सारु दयाला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
इखी ये माटम जन्म्यु मी भी
मेरी भी रै ब्वटी अंग्वाल
मेरी भी रै ब्वटी अंग्वाल
भारा खैरी का सरिनी मील भी
मी भी हिटु उन्दरी उकाल
मी भी हिटु उन्दरी उकाल
डालियुं कु छैल अर बाटों का गारा
डालियुं कु छैल अर बाटों का गारा
मेरा हिटयां की गवै दयाला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
बरखा बर्खाली घाम चमकल
सुख दुःख आणा जाणा राला
सुख दुःख आणा जाणा राला
खुच्ल्यो मा हंसदा खेल्दा बेटुला
देखदै देखदा ब्वारी हवे जाला
देखदै देखदा ब्वारी हवे जाला
भोल ये फुलमुंडया सासू बणीकी
भोल ये फुलमुंडया सासू बणीकी
नयी-नयी ब्वार्युं रुवाला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
बस्ग्याल रुझू ह्युन्द कौन्पू
मिल भी सै रुड्युं की मार
मिल भी सै रुड्युं की मार
मिल भी बरती ऋतू बसंत
में फरै भी ऐ मौल्यार
में फरै भी ऐ मौल्यार
मिल भी कैछै आस कैकी
मिल भी कैछै आस कैकी
ये डांडा काँठा छविं लगाला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
मेरा भी अपडा पर्याँ हर्चिनी
मेला खौलों मा अचणचक
मेला खौलों मा अचणचक
मी भी रोऊँ भकोरा-भकोरी
आंसू आंख्युं मा रैनी जब तक
आंसू आंख्युं मा रैनी जब तक
कौथिग यनि विरेण राला
कौथिग यनि विरेण राला
नया-नया कौथिगेर आला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
मिल भी सैनी फुल्ल्वा कांडा
गित्वी माला गछ्याणु कु
गित्वी माला गछ्याणु कु
जण द्वि ऐक गीत मिल भी
गैनी रुन्दौ हैसाणु कु
गैनी रुन्दौ हैसाणु कु
हैसदरा जब बिसरी जाला
हैसदरा जब बिसरी जाला
रुंदरा रवे-रवे की सम्लणा राला
मीत नि रौलू मेरा भुलों तुम दगडी ये गीत राला
भोल जब फिर रात खुलली
