लग जा गले की फ़िर (Lag Ja Gale Ki Phir) Woh Kaun Thi - 1964
Lag Ja Gale Ki Phir Song Lyrics - फिल्म "वो कौन थी" का पुराना गाना "लग जा गले के फिर" है। गाने को लता मंगेशकर ने गाया है। गाने में राजा मेहंदी अली खान के बोल हैं और संगीत मदन मोहन का है। मुख्य कलाकार हैं मनोज कुमार, साधना, हेलेन, प्रेम चोपड़ा, के.एन.सिंह, मोहन चोती, धूमल।
Lag Ja Gale Ki PhirSong Lyrics in Hindi Font
| गाना: लग जा गले की फ़िर |
| फिल्म: वो कौन थी (1964) |
| गायक: लता मंगेशकर |
| गीत: राजा मेहंदी अली खान |
| संगीतकार: मदन मोहन |
| कलाकार: मनोज कुमार, साधना, हेलेन, प्रेम चोपड़ा |
| लेबल: सारेगामा इंडिया लिमिटेड |
लता मंगेशकर
लग जा गले
हम्म हम्म, हसीं रात, हम्म
लग जा गले के फिर
ये हसीं रात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो
लग जा गले के फिर
हसीं रात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो
लग जा गले, ए ए
हम को मिली हैं आज
ये घड़ियाँ नसीब से
हम को मिली हैं आज
ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये
हमको करीब से
फिर आपके नसीब में
ये बात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो
लग जा गले, ए ए
पास आईये के
हम नहीं आयेंगे बार-बार
पास आईये के हम नहीं
आयेंगे बार-बार
बाहें गले में डाल के
हम रो लें जार-जार
आँखों से फिर ये
प्यार की बरसात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो
लग जा गले के फिर ये
हसीं रात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो
लग जा गले, ए ए
